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Tag Archives: पूज्य आचार्य

अल्सर – Ulcer

अल्सर [ Ulcer ] आजकल की व्यस्त जीवनशैली में खान-पान में गड़बड़ी होना स्वाभाविक -सी बात है | लेकिन इस कारण से अल्सर जैसे रोग पाँव पसारते जा रहे हैं | इसमें पेट में जख़्म बन जाते हैं जिसे अल्सर ...

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चीड़ , Long-leaved pine

चीड़ (Long-leaved pine) चीड़ का बहुत ऊँचा वृक्ष होता है | इसकी छाल में किसी औज़ार से क्षत करने पर एक प्रकार का चिकना गोंद निकलता है जिसे श्रीवास या गंधविरोजा कहते हैं | इसके वृक्ष से तारपीन का तेल ...

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तेजपात – Indian Bay Leaf

तेजपात (Indian Bay Leaf) भारत में उष्णकटिबंधीय एवं इसके अतिरिक्त उपउष्णकटिबन्धीय हिमालय से भूटान तक ९००-१५०० मी तक की ऊंचाई पर सिक्किम में २४०० मी तथा सिल्हट एवं खसिया के पहाड़ी क्षेत्रों में ९००-१२०० मी की ऊंचाई तक तेजपात के ...

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रक्ताल्पता या खून की कमी – ANAEMIA

रक्ताल्पता या खून की कमी (ANAEMIA ) हमारे खून में दो तरह की कोशिका होती हैं -लाल व सफ़ेद | लाल रक्त कोशिका की कमी से शरीर में खून की कमी हो जाती है जिसे रक्ताल्पता या अनीमिया कहा जाता ...

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मेंहदी – Henna

मेंहदी (Henna) – मेंहदी की पत्तियों का प्रयोग रंजक द्रव्य के रूप में किया जाता है तथा इसकी सदाबहार झाड़ियाँ बाड़ के रूप में लगाई जाती हैं | यह समस्त भारत में मुख्यतः पंजाब,गुजरात,मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के शुष्क पर्णपाती ...

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Jaundice – पीलिया

पीलिया  रक्त में लाल कणों की निश्चित आयु होती है | यदि किसी कारण इनकी आयु कम हो जाए और ये जल्दी ही अधिक मात्रा में नष्ट होने लगें तो पीलिया होने लगता है | यदि जिगर का कार्य भी ...

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chanak , Channa , चना ,चणक , GRAM

चना (चणक,GRAM ) – समस्त भारत में मुख्यतः उत्तर प्रदेश ,पश्चिम बंगाल एवं गुजरात में इसकी खेती की जाती है| चने का प्रयोग मुख्यतः शाक के रूप में किया जाता है | इसकी प्रकृति गर्म होती है | चने की ...

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दमा ,श्वास रोग – Asthma , respiratory disease

दमा (श्वास रोग ) Asthma आज के समय में दमा तेज़ी से स्त्री – पुरुष व बच्चों को अपना शिकार बना रहा है | साँस लेने में दिक्कत या कठिनाई महसूस होने को श्वास रोग कहते हैं | फेफड़ों की ...

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चीकू – Sapodilla

चीकू (Sapodilla) – चीकू मूलतः दक्षिण अमेरिका में एवं अन्य उष्णकटिबंधीय भागों में प्राप्त होता है तथा भारत में भी इसकी खेती की जाती है | यह वृक्ष समुद्र के किनारों के प्रदेशों में विशेषतया उत्पन्न होते हैं | इसका ...

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अर्श रोग , बवासीर , Piles , Arsh disease , hemorrhoids , Piles

अर्श रोग [बवासीर ] Piles बवासीर गुदा मार्ग की बीमारी है | यह मुख्यतः दो प्रकार की होती है — खूनी बवासीर और बादी बवासीर | इस रोग के होने का मुख्य कारण ” कोष्ठबद्धता ” या ”कब्ज़ ” है ...

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Earache – कान का दर्द

कान का दर्द गर्मियों में कान के अंदरूनी या बाहरी हिस्से में संक्रमण होना आम बात है| अधिकतर तैराकों को ख़ास-तौर पर इस परेशानी का सामना करना पड़ता है | कान में फुंसी निकलने,पानी भरने या किसी प्रकार की चोट ...

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Bell – बेल

बेल बेल का वृक्ष बहुत प्राचीन है |यह लगभग २०-३० फुट ऊंचा होता है | इसके पत्ते जुड़े हुए त्रिफाक और गंधयुक्त होते हैं | इसका फल ३-४ इंच व्यास का गोलाकार और पीले रंग का होता है | बीज ...

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Raksha Bandhan is the most ancient narrative – रक्षाबंधन की सबसे प्राचीन कथा

रक्षाबंधन की सबसे प्राचीन कथा – “येन बद्धो, बलि राजा दान विन्द्रो महाबलम। तेन-त्वाम अनुबन्धामी, रक्षे मां चला मां चलम।।“ अर्थात मैं यह रक्षा सूत्र बांध रही हूं, ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार लक्ष्मी जी ने असुरराज बलि को बांधा ...

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दालचीनी – Cinnamon bark

दालचीनी (Cinnamon bark) दालचीनी का प्रयोग सर्वत्र मसालों के रूप में किया जाता है | भारत में मुख्यतः तमिलनाडु,कर्नाटक एवं केरल में इसकी खेती की जाती है | दालचीनी की छाल तेजपात की छाल से अधिक पतली,पीली व अधिक सुगन्धित ...

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Nutmeg – जायफल

जायफल जायफल का उल्लेख आयुर्वेदीय तथा निघण्टुओं में प्राचीनकाल से प्राप्त होता है | जायफल और जावित्री का प्रयोग मसाले के रूप में होता है | जायफल के तेल का उपयोग साबुन बनाने तथा सुगन्धित द्रव्य के रूप में किया ...

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पिपरमिंट – Peppermint

पिपरमिंट (Peppermint) यह विश्व में यूरोप,एशिया,उत्तरी अमेरिका तथा ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है | समस्त भारत में यह बाग़-बगीचों में विशेषतः उत्तर भारत तथा कश्मीर में लगाया जाता है | यह अत्यंत सुगन्धित क्षुप होता है | इसके तेल,सत तथा ...

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हरड़ – Harad – Haritaki

हरड़  हरड़ के नाम से तो हम सब बचपन से ही परिचित हैं | इसके पेड़ पूरे भारत में पाये जाते हैं | इसका रंग काला व पीला होता है तथा इसका स्वाद खट्टा,मीठा और कसैला होता है | आयुर्वेदिक ...

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Stammering – हकलाना

हकलाना [Stammering ] हकलाकर या अटक -अटक कर बोलना , दोनों का मतलब एक ही है – वाक् शक्ति में गड़बड़ी , जिसमे बोलनेवाला , बोलते-बोलते रुक जाता है , बोले हुए शब्दों को दोहराता है या लम्बा कर के ...

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Exhaustion – थकावट

थकावट थकान शब्द से सभी परिचित हैं प्रायः थकावट से सभी का आमना – सामना होता है | सभी सोचते हैं थकावट कैसे दूर की जाए , आइये आज इस पर थोड़ा विचार किया जाए | १- अधिक थकान होने ...

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अमरबेल – Dodder

अमरबेल यह एक ही वृक्ष पर प्रतिवर्ष पुनः नवीन होती है तथा यह वृक्षों के ऊपर फैलती है , भूमि से इसका कोई सम्बन्ध नहीं रहता अतः आकाशबेल आदि नामों से भी पुकारी जाती है | अमरबेल एक परोपजीवी और ...

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