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बहुत पुरानी कथा – Very old story

Very old story

Very old story . Two brothers lived in a village . The wedding was great . Her two children were. But the younger brother was still a virgin . Who cultivated both share .
Once the harvest of wheat grown in their fields . Together, they prepared and wheat harvest . Thereafter, both the half – half wheat divided . Now he was left to take trips home . It was night , so it could work the following day . On both barn at night to guard the crop was stayed . Both also was hungry .
Both alternately thought of eating . Big Brother went home before dinner . Younger brother stayed at the barn . He thought to himself – brother got married , their family , so they will need more food . Thinking that many of her baskets piled in heaps mixed with wheat removing older brother . Big Brother returned shortly after eating . After his younger brother went home for dinner . Big Brother thought – my family , the children, they can keep my attention . But my little brother is all alone , there is nobody to look at it . Wheat needs it more than me . He piled up several baskets of wheat younger brother got into a heap of wheat |

This did not reduce the total quantity of wheat Yes , both mutual love and brotherhood has definitely increased slightly .

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 बहुत पुरानी कथा है । किसी गांव में दो भाई रहते थे । बडे की शादी हो गई थी । उसके दो बच्चे भी थे । लेकिन छोटा भाई अभी कुंवारा था । दोनों साझा खेती करते थे ।
एक बार उनके खेत में गेहूं की फसल पककर तैयार हो गई । दोनों ने मिलकर फसल काटी और गेहूं तैयार किया । इसके बाद दोनों ने आधा-आधा गेहूं बांट लिया । अब उन्हें ढोकर घर ले जाना बचा था । रात हो गई थी, इसलिए यह काम अगले दिन ही हो पाता । रात में दोनों को फसल की रखवाली के लिए खलिहान पर ही रुकना था । दोनों को भूख भी लगी थी ।
दोनों ने बारी-बारी से खाने की सोची । पहले बड़ा भाई खाना खाने घर चला गया । छोटा भाई खलिहान पर ही रुक गया । वह सोचने लगा- भैया की शादी हो गई है, उनका परिवार है, इसलिए उन्हें ज्यादा अनाज की जरूरत होगी । यह सोचकर उसने अपने ढेर से कई टोकरी गेहूं निकालकर बड़े भाई वाले ढेर में मिला दिया । बड़ा भाई थोड़ी देर में खाना खाकर लौटा । उसके बाद छोटा भाई खाना खाने घर चला गया । बड़ा भाई सोचने लगा – मेरा तो परिवार है, बच्चे हैं, वे मेरा ध्यान रख सकते हैं । लेकिन मेरा छोटा भाई तो एकदम अकेला है, इसे देखने वाला कोई नहीं है । इसे मुझसे ज्यादा गेहूं की जरूरत है । उसने अपने ढेर से उठाकर कई टोकरी गेहूं छोटे भाई वाले गेहूं के ढेर में मिला दिया |

इस तरह दोनों के गेहूं की कुल मात्रा में कोई कमी नहीं आई। हां, दोनों के आपसी प्रेम और भाईचारे में थोड़ी और वृद्धि जरूर हो गई ।

Story Source: पूज्य आचार्य

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