Home / Tag Archives: Ayurveda

Tag Archives: Ayurveda

What we know about Ayurveda

Credit:  Shutterstock What we know about Ayurveda Ayurveda is an ancient health care tradition that has been practiced in India for at least 5,000 years. The word comes from the Sanskrit terms ayur (life) and veda (knowledge). Though Ayurveda, or ...

Read More »

अल्सर – Ulcer

अल्सर [ Ulcer ] आजकल की व्यस्त जीवनशैली में खान-पान में गड़बड़ी होना स्वाभाविक -सी बात है | लेकिन इस कारण से अल्सर जैसे रोग पाँव पसारते जा रहे हैं | इसमें पेट में जख़्म बन जाते हैं जिसे अल्सर ...

Read More »

चीड़ , Long-leaved pine

चीड़ (Long-leaved pine) चीड़ का बहुत ऊँचा वृक्ष होता है | इसकी छाल में किसी औज़ार से क्षत करने पर एक प्रकार का चिकना गोंद निकलता है जिसे श्रीवास या गंधविरोजा कहते हैं | इसके वृक्ष से तारपीन का तेल ...

Read More »

तेजपात – Indian Bay Leaf

तेजपात (Indian Bay Leaf) भारत में उष्णकटिबंधीय एवं इसके अतिरिक्त उपउष्णकटिबन्धीय हिमालय से भूटान तक ९००-१५०० मी तक की ऊंचाई पर सिक्किम में २४०० मी तथा सिल्हट एवं खसिया के पहाड़ी क्षेत्रों में ९००-१२०० मी की ऊंचाई तक तेजपात के ...

Read More »

रक्ताल्पता या खून की कमी – ANAEMIA

रक्ताल्पता या खून की कमी (ANAEMIA ) हमारे खून में दो तरह की कोशिका होती हैं -लाल व सफ़ेद | लाल रक्त कोशिका की कमी से शरीर में खून की कमी हो जाती है जिसे रक्ताल्पता या अनीमिया कहा जाता ...

Read More »

मेंहदी – Henna

मेंहदी (Henna) – मेंहदी की पत्तियों का प्रयोग रंजक द्रव्य के रूप में किया जाता है तथा इसकी सदाबहार झाड़ियाँ बाड़ के रूप में लगाई जाती हैं | यह समस्त भारत में मुख्यतः पंजाब,गुजरात,मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के शुष्क पर्णपाती ...

Read More »

Jaundice – पीलिया

पीलिया  रक्त में लाल कणों की निश्चित आयु होती है | यदि किसी कारण इनकी आयु कम हो जाए और ये जल्दी ही अधिक मात्रा में नष्ट होने लगें तो पीलिया होने लगता है | यदि जिगर का कार्य भी ...

Read More »

chanak , Channa , चना ,चणक , GRAM

चना (चणक,GRAM ) – समस्त भारत में मुख्यतः उत्तर प्रदेश ,पश्चिम बंगाल एवं गुजरात में इसकी खेती की जाती है| चने का प्रयोग मुख्यतः शाक के रूप में किया जाता है | इसकी प्रकृति गर्म होती है | चने की ...

Read More »

दमा ,श्वास रोग – Asthma , respiratory disease

दमा (श्वास रोग ) Asthma आज के समय में दमा तेज़ी से स्त्री – पुरुष व बच्चों को अपना शिकार बना रहा है | साँस लेने में दिक्कत या कठिनाई महसूस होने को श्वास रोग कहते हैं | फेफड़ों की ...

Read More »

चीकू – Sapodilla

चीकू (Sapodilla) – चीकू मूलतः दक्षिण अमेरिका में एवं अन्य उष्णकटिबंधीय भागों में प्राप्त होता है तथा भारत में भी इसकी खेती की जाती है | यह वृक्ष समुद्र के किनारों के प्रदेशों में विशेषतया उत्पन्न होते हैं | इसका ...

Read More »

अर्श रोग , बवासीर , Piles , Arsh disease , hemorrhoids , Piles

अर्श रोग [बवासीर ] Piles बवासीर गुदा मार्ग की बीमारी है | यह मुख्यतः दो प्रकार की होती है — खूनी बवासीर और बादी बवासीर | इस रोग के होने का मुख्य कारण ” कोष्ठबद्धता ” या ”कब्ज़ ” है ...

Read More »

Earache – कान का दर्द

कान का दर्द गर्मियों में कान के अंदरूनी या बाहरी हिस्से में संक्रमण होना आम बात है| अधिकतर तैराकों को ख़ास-तौर पर इस परेशानी का सामना करना पड़ता है | कान में फुंसी निकलने,पानी भरने या किसी प्रकार की चोट ...

Read More »

Bell – बेल

बेल बेल का वृक्ष बहुत प्राचीन है |यह लगभग २०-३० फुट ऊंचा होता है | इसके पत्ते जुड़े हुए त्रिफाक और गंधयुक्त होते हैं | इसका फल ३-४ इंच व्यास का गोलाकार और पीले रंग का होता है | बीज ...

Read More »

Raksha Bandhan is the most ancient narrative – रक्षाबंधन की सबसे प्राचीन कथा

रक्षाबंधन की सबसे प्राचीन कथा – “येन बद्धो, बलि राजा दान विन्द्रो महाबलम। तेन-त्वाम अनुबन्धामी, रक्षे मां चला मां चलम।।“ अर्थात मैं यह रक्षा सूत्र बांध रही हूं, ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार लक्ष्मी जी ने असुरराज बलि को बांधा ...

Read More »

दालचीनी – Cinnamon bark

दालचीनी (Cinnamon bark) दालचीनी का प्रयोग सर्वत्र मसालों के रूप में किया जाता है | भारत में मुख्यतः तमिलनाडु,कर्नाटक एवं केरल में इसकी खेती की जाती है | दालचीनी की छाल तेजपात की छाल से अधिक पतली,पीली व अधिक सुगन्धित ...

Read More »

Nutmeg – जायफल

जायफल जायफल का उल्लेख आयुर्वेदीय तथा निघण्टुओं में प्राचीनकाल से प्राप्त होता है | जायफल और जावित्री का प्रयोग मसाले के रूप में होता है | जायफल के तेल का उपयोग साबुन बनाने तथा सुगन्धित द्रव्य के रूप में किया ...

Read More »

पिपरमिंट – Peppermint

पिपरमिंट (Peppermint) यह विश्व में यूरोप,एशिया,उत्तरी अमेरिका तथा ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है | समस्त भारत में यह बाग़-बगीचों में विशेषतः उत्तर भारत तथा कश्मीर में लगाया जाता है | यह अत्यंत सुगन्धित क्षुप होता है | इसके तेल,सत तथा ...

Read More »