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कढ़ी पत्ता – Curry leaf

Curry leaf

कढ़ी पत्ता (मीठा नीम,कैडर्य)
अत्यन्त प्राचीन काल से भारत में मीठे नीम का उपयोग किया जा रहा है | कई टीकाकारों ने इसे पर्वत निम्ब तथा गिरिनिम्ब आदि नाम दिए हैं | इसके गीले और सूखे पत्तों को घी या तेल में तल कर कढ़ी या साग आदि में छौंक लगाने से ये अति स्वादिष्ट,सुगन्धित हो जाते हैं | दाल में इसके पत्तों का छौंक देने से दाल स्वादिष्ट बन जाती है,चने के बेसन में मिलाकर इसकी उत्तम रुचिकर पकौड़ी बनाई जाती है| आम,इमली आदि के साथ इसके पत्तों को पीसकर बनाई गई चटनी अत्यंत स्वादिष्ट व सुगन्धित होती है | इसके बीजों तथा पत्तों में से एक सुगन्धित तेल निकला जाता ही जो अन्य सुगन्धित तेलों के निर्माण कार्यों में प्रयुक्त होता है | इसका पुष्पकाल एवं फलकाल क्रमशः फ़रवरी से अप्रैल तक तथा अप्रैल से अगस्त तक होता है | इसकी पत्तियों में ओक्सालिक अम्ल,कार्बोहाइड्रेट,कैल्शियम,फॉस्फोरस,अवाष्पशील तेल,लौह,थाइमिन,राइबोफ्लेविन,तथा निकोटिनिक अम्ल पाया जाता है |
कढ़ी पत्ते के औषधीय प्रयोग-

१- मीठे नीम के पत्तों को पीसकर मस्तक पर लगाने से सिर दर्द ठीक होता है |

२- मीठे नीम के पत्तों को पानी में उबालकर गरारे करने से छाले ठीक होते हैं तथा २-४ पत्तियों को चबा कर खाने से मुँह की दुर्गन्ध दूर होती है |

३- पांच से दस मिली मीठे नीम के पत्तों के रस में बराबर मात्रा में शहद मिलाकर पीने से कफ विकारों का शमन होता है |

४- मीठे नीम के २-४ फलों को पीसकर खिलाने से अतिसार में लाभ होता है |

५- कढ़ी पत्ते के ५-१० पत्तों को पानी में पीसकर पिलाने से उल्टी में लाभ होता है |

६- मीठे नीम के पत्तों के रस में नींबू का रस मिलकर लेप करने से पित्ती तथा दाद में लाभ होता है

Story Source: पूज्य आचार्य

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Curry leaf (sweet Neem, cardi)
Very sweet Neem in India since ancient times is being used. Several commentators called it mount are named girinimb and low clouds, at etc. In wet and dry leaves are bottom in Curry ghee or oil or Greens in the argument by these ultra tasty, aromatic are | The argument of its leaves the Lentil Dal becomes delicious, all in its best interest of gram gram flour dumplings have created | Mango,Tamarind leaves with its mixture is extremely delicious and aromatic sauce made | Its seeds and leaves are aromatic oil turned out to be one of the only other aromatic oils used in construction works | The pushpakal & phalkal respectively from February to April and from April to August is up | Its leaves aleksic acid, carbohydrate, calcium, phosphorous, riboflavin, iron, oil avashpashil, thymine, and nicotinic acid is found.
Curry leaves of pharmacological experiment-

1-sweet neem leaves to put on a head headache is right |

2-sweet neem leaves boiled in water from mouth sores are OK and 2-4 eating mouth chew the leaves of deodorant is away |

3-five to ten found sweet neem leaves juice drink mixing honey in equal measure is mitigation of phlegm disorders |

4-2-4 sweet Neem fruits would benefit in a feed from diarrhea |

5-5-10 leaves of curry leaves in the water would benefit in a feed from vomiting |

6-sweet neem leaves juice lemon juice together from hives and would benefit the liniment is in the herpes |

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