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Aspera – अपामार्ग

Aspera

अपामार्ग

बारिश के बाद बगीचों में अपने आप उगे इन सुन्दर पौधों पर जब नज़र पड़ी तो मन प्रसन्न हो गया . ये अपामार्ग के पत्ते गणेश पूजा , हरतालिका पूजा , मंगला गौरी पूजा आदि में पात्र पूजा के समय काम आते है .शायद पूजा इन सबके पत्र इसलिए इस्तेमाल होते होंगे ताकि हम इन आयुर्वेदिक रूप से महत्वपूर्ण पेड़ पौधों की पहचान भूले नहीं और ज़रुरत के समय इनका सदुपयोग कर सके .

इसे अघाडा ,लटजीरा या चिरचिटा भी कहा जाता है .

– इसकी दातून करने से दांत १०० वर्ष तक मज़बूत रहते है . इसके पत्ते चबाने से दांत दर्द में राहत मिलती है और गुहा भी धीरे धीरे भर जाती है .

– इसके बीजों का चूर्ण सूंघने से आधा सीसी में लाभ होता है . इससे मस्तिष्क में जमा हुआ कफ निकल जाता है और वहां के कीड़े भी झड जाते है .

– इसके पत्तों को पीसकर लगाने से फोड़े फुंसी और गांठ तक ठीक हो जाती है .

– इसकी जड़ को कमर में धागे से बाँध देने से प्रसव सुख पूर्वक हो जाता है . प्रसव के बाद इसे हटा देना चाहिए .

– ज़हरीले कीड़े काटने पर इसके पत्तों को पीसकर लगा देने से आराम मिलता है .

– गर्भ धारण के लिए इसकी १० ग्राम पत्तियाँ या जड़ को गाय के दूध के साथ ४ दिन सुबह ,दोपहर और शाम में ले . यह प्रयोग अधिकतर तीन बार करे .

– इसकी ५-१० ग्राम जड़ को पानी के साथ घोलकर लेने से पथरी निकल जाती है .

– अपामार्ग क्षार या इसकी जड़ श्वास में बहुत लाभ दायक है .

– इसकी जड़ के रस को तेल में पका ले . यह तेल कान के रोग जैसे बहरापन , पानी आना आदि के लिए लाभकारी है .

– इसकी जड़ का रस आँखों के रोग जैसे फूली , लालिमा , जलन आदि लिए अच्छा होता है .

– इसके बीज चावल की तरह दीखते है , इन्हें तंडुल कहते है . यदि स्वस्थ व्यक्ति इन्हें खा ले तो उसकी भूख -प्यास आदि समाप्त हो जाती है . पर इसकी खीर उनके लिए वरदान है जो भयंकर मोटापे के बाद भी भूख को नियंत्रित नहीं कर पाते .

 Story Source: पूज्य आचार्य

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Aspera

After rain gardens, these beautiful plants are grown at the sight of myself in the mood to be pleased.could be utilized.

It Agada, rough chaff tree is also called chaff tree.

– To brush its teeth remain strong for 100 years. The leaves are chewed to relieve toothache and slowly fills the cavity.

– The seed powder smell profit in the half cc. Ingrained in the mind slips cuff and there are bugs even fall out.

– The leaves, fine grinding and lump is putting eruption.

– Its roots back to tie the thread is pleasantly delivery. After delivery should be removed.

– Poisonous insect bite by grinding the leaves began to get comfortable with.

– To conceive the leaves or roots of cow’s milk with 10 grams of 4-day morning, afternoon and evening taking. Use it mostly to three times.

– The calculus of 5-10 g root to leaves leached with water.

– Rough base or root of it is very much in breathing.

– Take the root juice cooked in oil. Ear disease, hearing loss, such as oil, water, etc. to be beneficial.

– The juice of the root of the disease, such as puffed eyes, redness, irritation, etc. is good.

– It is appearing like rice seeds, they say Tndul. If you eat these healthy appetite – thirst, etc. ends. Its sweet boon for those who can not control appetite after severe obesity.

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