Home / Hindi / Cumin – जीरा

Cumin – जीरा

Cumin

Cumin

Cumin is a spice to flavor the taste of lentils and vegetables increases. Licking the peppery taste, is also incomplete without cumin. Cumin is called in English. Its botanical name is Sayminm Kyuminm. This floral plant Piyeshi family. Mainly from the Eastern Mediterranean to India, its yield is high.

Giving the appearance of fennel seeds in appearance only enhances the taste of the food is also very useful. Let’s see what home remedies such as cumin is useful for the treatment of diseases

– Cumin is the best source of iron. It regularly turns away from eating blood loss. For pregnant women, cumin immortal works.

– Cumin, celery, Saunth, pepper, black salt and roasted in ghee, asafoetida style from when it is mixed with small amounts of food, improves digestion. Abdominal pain is cured.

– Cumin, celery and black salt powder sharp hunger by eating a teaspoon daily.

– 3 grams cumin and 125 min. G. Rose tied bundle of alum in water and soak. When pain in the eye or red juices dripping from the prop.

– Roasted cumin powder mixed in curd eating relieve diarrhea.

– Cumin seeds soaked in lemon juice mixed with salt nausea stops eating.

– A little cumin – add vinegar stops the hiccups from eating.

– Cumin mixed with jaggery malaria tablets eating into making profit.

– A pinch of cumin eat raw instant relief from acidity.

– Tsp ground cumin to control diabetes twice a day with water making profit.

– Constipation problem, the cumin, pepper, and curry powder in equal measure Saunth bike and get ready to mix. Mix in the melted butter to taste with salt and eaten with rice. Relief.

– Ripe bananas and mash with a little – little cumin stay together after dinner daily. Insomnia problem will be solved.

– It is also antiseptic ingredients. Frozen phlegm in the chest seam grinding cumin Take exit. The catarrh is also relieved.

– Boil asafoetida. In the water, cumin, mint, lemon and salt mixed feeding hysteria of immediate benefit to the patient.

– Thyroid (lump in throat) with a cup of spinach juice mixed with a teaspoon of honey and a quarter teaspoon cumin powder consumption benefits.

– Fenugreek, celery, cumin and fennel 50-50 grams of black salt to taste and grind together. Eat a spoonful every morning. The sugar will help relieve joint pain and stomach disorders.

– Consumption of cumin uterus after delivery is clean.

– Itching of the problem, the cumin boiled in water bath. Relief.

– A glass of fresh buttermilk mixed with rock salt and roasted cumin Take with food. This will get rid of indigestion and dyspepsia.

– Amla removed by grinding seeds and fry it. Then taste the cumin, celery, rock salt and a – C including roasted chestnuts make asafoetida. Increasing appetite by eating them. Not only that, the belching, nausea and diarrhea profit.

– Boil cumin and cooling filter. The water will wash your face clean and bright.

– A teaspoon of cumin roasted daily chewing is a good memory.

– All asthma, bronchitis or other respiratory problems, they must in any routine use of cumin.

– In South India, people often drink water to spawn. According to him, it does not take seasonal diseases and stomach remains healthy.

– 50 grams sugar 50 grams of cumin powder made by grinding whole bike. This morning – evening drink a spoon. Find comfort in piles.

****************

जीरा 

जीरा एक ऐसा मसाला है जिसके छौंक से दाल और सब्जियों का स्वाद बहुत बढ़ जाता है। चाट का चटपटा स्वाद भी जीरे के बिना अधूरा सा लगता है। अंग्रेजी में इसे क्यूमिन कहा जाता है। इसका वानस्पतिक नाम क्यूमिनम सायमिनम है। यह पियेशी परिवार का एक पुष्पीय पौधा है। मुख्यत: पूर्वी भूमध्य सागर से लेकर भारत तक इसकी पैदावार अधिक होती है।

दिखने में सौंफ के आकार का दिखाई देने वाला जीरा सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता यह बहुत उपयोगी भी है। यही कारण है कि कई रोगों में दवा के रूप में भी जीरे का उपयोग किया जा सकता है। आइए देखते हैं घरेलू नुस्खे के रूप में किन रोगों के उपचार के लिए जीरा उपयोगी है……

– जीरा आयरन का सबसे अच्छा स्रोत है। इसे नियमित रूप से खाने से खून की कमी दूर हो जाती है। गर्भवती महिलाओं के लिए जीरा अमृत का काम करता है।

– जीरा, अजवाइन, सौंठ, कालीमिर्च, और काला नमक अंदाज से लेकर इसमें घी में भूनी हींग कम मात्रा में मिलाकर खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है। पेट का दर्द ठीक हो जाता है।

– जीरा, अजवाइन और काला नमक का चूर्ण बनाकर रोजाना एक चम्मच खाने से तेज भूख लगती है।

– 3 ग्राम जीरा और 125 मि.ग्रा. फिटकरी पोटली में बांधकर गुलाब जल में भिगो दें। आंख में दर्द होने पर या लाल होने पर इस रस को टपकाने से आराम मिलता है।

– दही में भुने जीरे का चूर्ण मिलाकर खाने से डायरिया में आराम मिलता है।

– जीरे को नींबू के रस में भिगोकर नमक मिलाकर खाने से जी मिचलाना बंद हो जाता है।

– जीरा में थोड़ा-सा सिरका डालकर खाने से हिचकी बंद हो जाती है।

– जीरे को गुड़ में मिलाकर गोलियां बनाकर खाने से मलेरिया में लाभ होता है।

– एक चुटकी कच्चा जीरा खाने से एसिडिटी में तुरंत राहत मिलती है।

– डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए एक छोटा चम्मच पिसा जीरा दिन में दो बार पानी के साथ लेने से लाभ होता है।

– कब्जियत की समस्या हो तो जीरा, काली मिर्च, सौंठ और करी पाउडर को बराबर मात्रा में लें और मिश्रण तैयार कर लें। इसमें स्वादानुसार नमक डालकर घी में मिलाएं और चावल के साथ खाएं।राहत मिलेगी।

– पके हुए केले को मैश करके उसमें थोड़ा-सा जीरा मिलाकर रोजाना रात के खाने के बाद लें। अनिद्रा की समस्या दूर हो जाएगी।

– इसमें एंटीसेप्टिक तत्व भी पाया जाता है। सीने में जमे हुए कफ को बाहर निकलने के लिए जीरे को पीसकर फांक लें। यह सर्दी-जुकाम से भी राहत दिलाता है।

– हींग को उबाल लें। इस पानी में जीरा, पुदीना, नींबू और नमक मिलाकर पिलाने से हिस्टीरिया के रोगी को तत्काल लाभ होता है।

– थायराइड (गले की गांठ) में एक कप पालक के रस के साथ एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच जीरा पाउडर मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।

– मेथी, अजवाइन, जीरा और सौंफ 50-50 ग्राम और स्वादानुसार काला नमक मिलाकर पीस लें। एक चम्मच रोज सुबह सेवन करें। इससे शुगर, जोड़ों के दर्द और पेट के विकारों से आराम मिलेगा।

– प्रसूति के पश्चात जीरे के सेवन से गर्भाशय की सफाई हो जाती है।

– खुजली की समस्या हो तो जीरे को पानी में उबालकर स्नान करें। राहत मिलेगी।

– एक गिलास ताजी छाछ में सेंधा नमक और भुना हुआ जीरा मिलाकर भोजन के साथ लें। इससे अजीर्ण और अपच से छुटकारा मिलेगा।

– आंवले की गुठली निकालकर पीसकर भून लें। फिर उसमें स्वादानुसार जीरा, अजवाइन, सेंधा नमक और थोड़ी-सी भुनी हुई हींग मिलाकर गोलियां बना लें। इन्हें खाने से भूख बढ़ती है। इतना ही नहीं, इससे डकार, चक्कर और दस्त में लाभ होता है।

– जीरा उबाल लें और छानकर ठंडा करें। इस पानी से मुंह धोने से आपका चेहरा साफ और चमकदार होगा।

– एक चम्मच जीरा भूनकर रोजाना चबाने से याददाश्त अच्छी रहती है।

– जिनको अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या अन्य सांस संबंधी समस्या है, उन्हें जीरे का नियमित प्रयोग किसी भी रूप में करना चाहिए।

– दक्षिण भारत में लोग अक्सर जीरे का पानी पीते हैं। उनके अनुसार, इसके सेवन से मौसमी बीमारियां नहीं होतीं और पेट भी तंदुरुस्त रहता है।

– 50 ग्राम जीरे में 50 ग्राम मिश्री मिलाकर पीसकर पाउडर बना लें। इसे सुबह-शाम एक चम्मच सेवन करें। बवासीर में आराम मिलेगा।

Story Source: पूज्य आचार्य

Down

About Mohammad Daeizadeh

  • تمامی فایل ها قبل از قرار گیری در سایت تست شده اند.لطفا در صورت بروز هرگونه مشکل از طریق نظرات مارا مطلع سازید.
  • پسورد تمامی فایل های موجود در سایت www.parsseh.com می باشد.(تمامی حروف را می بایست کوچک وارد کنید)
  • Password = www.parsseh.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

*