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फटी एड़ियो का उपचार – Adio torn Treatment

Adio torn Treatment

Adio torn Treatment :

Increased body heat or dryness, walking barefoot – travelers, blood loss, and dust from the effects of severe winter – are torn ankle foot of soil.

Their care is not so much if they are torn and bleeding them, they are very hurt. A famous saying is probably why –
Not a torn shoe wearer’s feet, to what pir outsider.

Home treatment

* Amchoor oil 50 grams, 20 grams of wax, confounding seed powder 10 grams and 25 grams of pure ghee. Make a life together, and fill in a bottle. Wipe clean feet and wiped the sleep medicine and up to fill in shoe wear socks to sleep. Chilblains will go away in a few days, the soles of the skin clean, smooth and will clear.

* Triphala powder and fried in cooking oil to make a thick like Mlhm. Putting it at bedtime Biwaiyon Biwaiyan go away in a few days.

Fill the hole and the hole by grinding coconut rice and put off. Rice will rot in 10-15 days, then every night in Biwaiyon filled out and grinding the rice. This experiment also Biwaiyan are healed.

* Molasses, benzoin, resin, rock salt, honey, mustard, butter Mulhti and take all 10-10 grams. Packaged ghee and honey to leave all the materials to make flour, ghee and honey make Mlhm. The Mlhm putting on the Biwaiyon every night they are fine in a few days.

* Lie supine bedtime, hand finger dipped in mustard oil in the navel and a half inches long with a 2-3 minute massage and oil Dry twist. When not soaking up the oil in the navel should be rubbed. Biwaiyan a week just to use it properly and ankle are clean, smooth and soft look. Do not need to put anything on the heel.

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फटी एड़ियो का उपचार :

शरीर में उष्णता या खुश्की बढ़ जाने, नंगे पैर चलने-फिरने, खून की कमी, तेज ठंड के प्रभाव से तथा धूल-मिट्टी से पैर की एड़ियां फट जाती हैं।

यदि इनकी देखभाल न की जाए तो ये ज्यादा फट जाती हैं और इनसे खून आने लगता है, ये बहुत दर्द करती हैं। एक कहावत शायद इसलिए प्रसिद्ध है-
जाके पैर न फटी बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई।

घरेलू इलाज

* अमचूर का तेल 50 ग्राम, मोम 20 ग्राम, सत्यानाशी के बीजों का पावडर 10 ग्राम और शुद्ध घी 25 ग्राम। सबको मिलाकर एक जान कर लें और शीशी में भर लें। सोते समय पैरों को धोकर साफ कर लें और पोंछकर यह दवा बिवाई में भर दें और ऊपर से मोजे पहनकर सो जाएं। कुछ दिनों में बिवाई दूर हो जाएगी, तलवों की त्वचा साफ, चिकनी व साफ हो जाएगी।

* त्रिफला चूर्ण को खाने के तेल में तलकर मल्हम जैसा गाढ़ा कर लें। इसे सोते समय बिवाइयों में लगाने से थोड़े ही दिनों में बिवाइयां दूर हो जाती हैं।

चावल को पीसकर नारियल में छेद करके भर दें और छेद बन्द करके रख दें। 10-15 दिन में चावल सड़ जाएगा, तब निकालकर चावल को पीसकर बिवाइयों में रोज रात को भर दिया करें। इस प्रयोग से भी बिवाइयां ठीक हो जाती हैं।

* गुड़, गुग्गल, राल, सेंधा नमक, शहद, सरसों, मुलहटी व घी सब 10-10 ग्राम लें। घी व शहद को छोड़ सब द्रव्यों को कूटकर महीन चूर्ण कर लें, घी व शहद मिलाकर मल्हम बना लें। इस मल्हम को रोज रात को बिवाइयों पर लगाने से ये कुछ ही दिन में ठीक हो जाती हैं।

* रात को सोते समय चित्त लेट जाएं, हाथ की अंगुली लगभग डेढ़ इंच सरसों के तेल में भिगोकर नाभि में लगाकर 2-3 मिनट तक रगड़ते हुए मालिश करें और तेल को सुखा दें। जब तक तेल नाभि में जज्ब न हो जाए, रगड़ते रहें। यह प्रयोग सिर्फ एक सप्ताह करने पर बिवाइयां ठीक हो जाती हैं और एड़ियां साफ, चिकनी व मुलायम हो जाती हैं। एड़ी पर कुछ भी लगाने की जरूरत नहीं।

Story Source: पूज्य आचार्य

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